नई दिल्ली | स्पेस डेस्क
भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान (Gaganyaan) की तैयारियों को एक और बड़ी सफलता मिली है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ISRO ने पहला इंटीग्रेटेड एयर ड्रॉप टेस्ट (IADT-01) सफलतापूर्वक पूरा किया। यह परीक्षण गगनयान मिशन के लिए बेहद अहम था, क्योंकि इससे पैरा‍शूट-आधारित स्लो डाउन सिस्टम की पूरी प्रणाली का एंड-टू-एंड वेरिफिकेशन किया गया।

इस मिशन को ISRO के साथ-साथ भारतीय वायुसेना, DRDO, भारतीय नौसेना, और भारतीय तटरक्षक बल ने मिलकर अंजाम दिया।

🪂 कैसे काम करेगा पैराशूट सिस्टम?

यह टेस्ट विशेष रूप से उस पैराशूट सिस्टम को जांचने के लिए किया गया जो गगनयान के दौरान क्रू मॉड्यूल को स्पेस से वापसी पर सुरक्षित रूप से धीमा और स्थिर करेगा। इसमें शामिल थे:

  • 2 ड्रोग पैराशूट: प्रारंभिक गति कम करने के लिए।
  • पायलट पैराशूट
  • 3 मेन पैराशूट: सुरक्षित स्प्लैशडाउन के लिए।

इन सभी को एक साथ ट्रिगर कर सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया, जिससे यह सुनिश्चित हुआ कि र-entry के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षित लैंडिंग हो सकेगी।

🚀 आगे क्या है ISRO की योजना में?

ISRO अब दूसरे टेस्ट व्हीकल मिशन (TV-D2) और पहले मानवरहित गगनयान मिशन (G1) की तैयारी में जुटा है। ये परीक्षण भारत के पहले मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन का मार्ग प्रशस्त करेंगे।

ISRO का लक्ष्य है कि यह मिशन पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक पर आधारित हो और भारत को मानव अंतरिक्ष उड़ान क्लब में शामिल किया जा सके।