बुलंदशहर खुर्जा में जंक्शन मार्ग स्थित अवैध प्लाटिंग में निर्माणधीन मकान को तोड़ने के विरोध में किसान एकत्र हो गए हैं। किसानों ने संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले केडीए कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। साथ ही गेट पर ताला भी जड़ दिया है।

 

खुर्जा जंक्शन मार्ग पर गांव अरनिया मौजपुर में बुधवार को खुर्जा विकास प्राधिकरण की टीम अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त करने के लिए पहुंच गई। जहां टीम ने प्लाटिंग को ध्वस्त किया और निर्माणधीन मकान को भी गिरा दिया। किसानों का कहना है कि खुर्जा विकास प्राधिकरण की तरफ से बिना जानकारी और सूचना दिए मकान को तोड़ दिया गया। अधिकारियों ने उनकी बिना सुने ही मकान को तोड़ दिया। जिस पर गुस्साए ग्रामीणों ने प्राधिकरण टीम पर पथराव करते हुए जेसीबी को क्षतिग्रस्त कर दिया।

 

मामले में खुर्जा विकास प्राधिकरण के जेई ने जिला पंचायत सदस्य नाहर सिंह सोलंकी, सतीश सोलंकी समेत 25,30 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। उधर मकान तोड़े जाने से नाराज लोग किसान संयुक्त मोर्चा के बैनर तले एकत्र होकर खुर्जा विकास प्राधिकरण के कार्यालय पर पहुंच गए और धरने पर बैठ गए। जिसमें भाकियू अराजनैतिक, भाकियू चढूनी, भाकियू लोकशक्ति, किसान यूनियन फौजी, किसान यूनियन टिकेट आदि संगठनों के कार्यकर्ता रहे। जहां उन्होंने कहा कि प्राधिकरण द्वारा किसानों के मकान को अवैध बताकर ध्वस्त किया जा रहा है।

 

शहरी क्षेत्र में कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। गुस्साए लोगों ने खुर्जा विकास प्राधिकरण के गेट पर ताला लगा दिया और जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। साथ ही कहा कि निर्माणाधीन मकान का मुआवजा किसान को दिया जाए और जो मुकदमा दर्ज किया गया है वह वापस लिया जाए। सूचना पर एसडीएम लवी त्रिपाठी वह बुलंदशहर प्राधिकरण के सचिव भी किसानों के बीच पहुंच गए। और उन्होंने किसानों से वार्ता करके उनकी समस्याएं सुनीं, लेकिन किसान वहां देर शाम तक धरने पर डटे रहे।

You missed